| विशेषता | WebGIS 1.0 | WebGIS 2.0 |
| लॉगिन तरीका | केवल यूजर आईडी और पासवर्ड | पासवर्ड + OTP (डबल सुरक्षा) |
| नक्शा तकनीक | बेसिक विलेज मैप | Advanced GIS (Google/Open Map Integration) |
| डेटा एक्सेस | वेबसाइट तक सीमित | वेब, ऐप और WhatsApp |
| स्पीड | पुराने सर्वर के कारण धीमी | नए क्लाउड सर्वर के कारण तेज़ |

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ध्यप्रदेश सरकार ने अपने भूमि रिकॉर्ड पोर्टल को और आधुनिक बनाते हुए WebGIS 2.0 (वेब जीआईएस 2.0) को 30 जुलाई, 2025 को राज्य स्तर पर लॉन्च किया है। यह पुराने वर्जन (1.0) की तुलना में बहुत तेज़ और सुरक्षित है।
WebGIS 2.0 की नई और मुख्य विशेषताएं:
- WhatsApp पर दस्तावेज़: अब आप खसरा और अन्य प्रमाणित प्रतियों को सीधे अपने WhatsApp पर प्राप्त कर सकते हैं।
- OTP आधारित e-KYC: इसमें सुरक्षा के लिए आधार कार्ड और मोबाइल नंबर के जरिए OTP आधारित वेरिफिकेशन (e-KYC) अनिवार्य और आसान बना दिया गया है।
- नया मोबाइल ऐप: वेब पोर्टल के साथ-साथ अब एक आधुनिक मोबाइल ऐप भी उपलब्ध है, जिससे किसान और नागरिक अपने फोन पर ही नक्शा और खसरा देख सकते हैं।
- बेहतर नक्शा तकनीक: इसमें Georeferencing और Google Maps/OpenStreetMap का उपयोग किया गया है, जिससे आप अपनी जमीन की सटीक लोकेशन और सीमाएं (Boundaries) बेहतर ढंग से देख सकते हैं।
- सिंगल विंडो एक्सेस: एक ही लॉगिन से आप कई तरह के दस्तावेज़ जैसे खसरा, खतौनी (B1), नक्शा, और भू-अधिकार पुस्तिका निकाल सकते हैं।
इसका उपयोग कैसे करें?
- आधिकारिक वेबसाइट: सबसे पहले webgis2.mpbhulekh.gov.in पर जाएं।
- सर्च विकल्प: होमपेज पर 'Search' या 'Land Record' पर क्लिक करें।
- विवरण भरें: अपना जिला, तहसील और गांव चुनें।
- खसरा/नाम: आप अपनी जमीन को खसरा नंबर या मालिक के नाम से खोज सकते हैं।
- देखें और डाउनलोड करें: तीन बिंदुओं (Actions) पर क्लिक करके आप खसरा, नक्शा या खतौनी देख सकते हैं और डिजिटल हस्ताक्षरित (Digitally Signed) कॉपी भी डाउनलोड कर सकते हैं।
महत्वपूर्ण सूचना: WebGIS 2.0 पर अब अधिकांश सेवाओं के लिए e-KYC अनिवार्य कर दी गई है ताकि भूमि से जुड़ी धोखाधड़ी को रोका जा सके।